🌬️ अस्थमा और भावनात्मक कारण – होम्योपैथी की दृष्टि से
लेखक: डॉ. माना शर्मा एवं डॉ. कार्तिक शर्मा
प्रस्तावना
अस्थमा (Asthma) केवल श्वसन तंत्र (Respiratory System) की बीमारी नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की भावनात्मक और मानसिक स्थिति से भी गहराई से जुड़ा होता है।
डॉ. माना और डॉ. कार्तिक का मानना है –
👉 “अस्थमा में सांस की तकलीफ़ अक्सर उन भावनाओं का परिणाम होती है जिन्हें व्यक्ति व्यक्त नहीं कर पाता। होम्योपैथी इसीलिए सिर्फ़ फेफड़ों को नहीं देखती, बल्कि रोगी के मन को भी समझती है।”
अस्थमा और भावनात्मक पहलू (Homeopathy के अनुसार)
1. भय (Fear & Anxiety)
अस्थमा के रोगियों में अक्सर भविष्य का डर, अकेलेपन का भय या असुरक्षा गहरी जड़ होती है।
यह भय सांस को रोक देता है और दौरे (Asthmatic Attack) को ट्रिगर कर सकता है।
2. भावनाओं का दमन (Suppression of Emotions)
गुस्सा, दुख या आघात (Trauma) को व्यक्त न करना।
अंदर ही अंदर भावनाओं को दबाने से छाती में जकड़न और सांस लेने में कठिनाई।
3. अत्यधिक संवेदनशीलता (Oversensitivity)
दूसरों की बातों से जल्दी आहत होना।
भावनात्मक चोट का असर सीधे श्वसन तंत्र पर पड़ता है।
4. तनाव और दबाव (Stress & Pressure)
नौकरी, परिवार या पढ़ाई का बोझ।
तनाव बढ़ने पर सांस फूलना या दौरा आना।
5. असुरक्षा और आत्मविश्वास की कमी (Low Self-esteem)
“मैं सक्षम नहीं हूँ” की सोच।
यह आत्मसंघर्ष सांस की लय (Breath Rhythm) को बिगाड़ देता है।
6. गहरी भावनात्मक चोट (Emotional Shock)
किसी प्रियजन का खोना, बचपन का डर या आघात।
यह श्वसन प्रणाली पर स्थायी असर डाल सकता है।
डॉ. माना शर्मा का दृष्टिकोण
डॉ. माना कहती हैं –
“अस्थमा में हम देखते हैं कि रोगी केवल सांस की बीमारी से नहीं जूझ रहा, बल्कि उसके मन में भी गहरी बेचैनी है। जब हम रोगी की पूरी जीवन-गाथा सुनते हैं, तो पता चलता है कि सांस की तकलीफ़ किसी भावनात्मक गाँठ से जुड़ी हुई है। होम्योपैथी इन गाँठों को खोलने का काम करती है।”
डॉ. कार्तिक शर्मा का दृष्टिकोण
डॉ. कार्तिक बताते हैं –
“अस्थमा का हर रोगी अलग होता है। किसी का दौरा गुस्से से बढ़ता है, किसी का दुख से और किसी का डर से। इसलिए होम्योपैथी में एक जैसी दवा सबको नहीं दी जाती। दवा हमेशा रोगी के Unique Emotional & Physical State के अनुसार चुनी जाती है। यही कारण है कि होम्योपैथी अस्थमा को गहराई से ठीक करने में मदद करती है।”
अस्थमा में सहायक होम्योपैथिक दवाएँ (सामान्य सुझाव)
> ⚠️ यह केवल सामान्य जानकारी है, दवा हमेशा योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह से ही लें।
1. Arsenicum Album – डर और बेचैनी के साथ सांस की तकलीफ़, रात को अधिक दिक़्क़त।
2. Ignatia – भावनात्मक आघात, रोका हुआ दुःख और गले में जकड़न के साथ खाँसी।
3. Natrum Muriaticum – दबे हुए भावनाएँ, पुराने दुख, बार-बार सर्दी से बढ़ने वाला अस्थमा।
4. Pulsatilla – भावुक और संवेदनशील रोगियों में, जिनका अस्थमा खुले में बेहतर और बंद कमरे में खराब होता है।
5. Nux Vomica – तनाव, गुस्से और अधिक काम के दबाव से बढ़ने वाला अस्थमा।
निष्कर्ष
अस्थमा केवल श्वसन रोग नहीं है, यह व्यक्ति की भावनाओं और मानसिक बोझ से भी जुड़ा हुआ है।
👉 डॉ. माना और डॉ. कार्तिक का स्पष्ट मत है –
“जब तक हम रोगी की भावनाओं को समझकर उन्हें संतुलित नहीं करते, तब तक अस्थमा की जड़ तक पहुँच पाना संभव नहीं है। होम्योपैथी का असली लक्ष्य यही है – Care Beyond Symptoms।”